भारत
CIFF केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ मिलकर भारत के विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है: 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना।
परिचय
“विकसित भारत”पहल, अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा एवं शिक्षा में परिवर्तनकारी विकास पर केंद्रित है, साथ ही यह सरकार, सिविल सोसाइटी एवं निजी क्षेत्र के साझेदारों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रमाण-आधारित कार्यक्रमों एवं ठोस एवं स्पष्ट परिणामों पर जोर देता है। यह योजना भारत में CIFF के समस्त कार्यों के केंद्र में है, जहां हम तकनीकी सहायता प्रदान करते हैं एवं ऐसे ठोस प्रमाण विकसित करते हैं जो प्रभावी और विस्तार योग्य समाधानों को आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं।
भारत में CIFF, केंद्र एवं राज्य सरकारों को उनकी विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करता है, जो हमारे सामाजिक हित के उद्देश्यों के साथ निकटता से मेल खाती हैं। हम बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कार्यान्वयन और तकनीकी साझेदारों एवं निजी क्षेत्र के साथ भी काम करते हैं। CIFF भारत के सभी नियामक एवं कानूनी प्रावधानों का पूर्णतः
पालन करता है और सभी कार्यों में सख्त जांच-परख प्रक्रिया बनाए रखता है। CIFF का किसी धार्मिक या राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।
निवेश परिप्रेक्ष्य
हमारे प्रयास महिलाओं और बच्चों के जीवन के उन महत्वपूर्ण चरणों पर केंद्रित होते हैं, जहाँ आवश्यकता सबसे अधिक होती है, और साथ ही बदलाव लाने के अवसर भी सबसे अधिक होते हैं। इसके साथ ही, हम भारत की पर्यावरण-सम्मत विकास की दिशा में यात्रा का समर्थन करते हैं, ताकि बच्चे एक अधिक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में बड़े हो सकें।
यदि भारत में सभी लड़कियां माध्यमिक शिक्षा पूरी कर लें, तो अगले दशक में देश की GDP में 10% तक की मजबूती आ सकती है- जो महिला श्रम भागीदारी में वृद्धि एवं बेहतर स्वास्थ्य परिणामों से संभव होगी।
“बेटियों को सर्वोत्तम संभव शिक्षा उपलब्ध कराना, महिला-नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने का सबसे प्रभावी तरीका है।” – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
जन्म के समय बच्चे के कम वजन का निवारण करके स्वास्थ्य-संबंधी खर्चों में कटौती होगी और दीर्घकालिक उत्पादकता में सुधार होगा, इससे भारत हर साल लगभग $115 अरब तक के आर्थिक लाभ का मार्ग खोल सकता है
स्वस्थ वजन के साथ जन्म लेने वाले बच्चों के स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करने, अपनी पूरी मानसिक एवं शारीरिक क्षमता तक पहुंचने और समाज के सक्रिय एवं सक्षम सदस्य बनने की संभावना कहीं अधिक होती है। इससे एक अधिक स्वस्थ एवं समृद्ध भारत की नींव तैयार होती है।
यदि भारत 2050 तक महिला श्रम भागीदारी को करीब 55% तक बढ़ा देता है, तो देश लंबी अवधि में उच्च GDP वृद्धि दर बनाए रख सकता है और महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ हासिल कर सकता है।
यह एक परिवर्तनकारी आर्थिक अवसर है और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी भारत के सबसे शक्तिशाली और कम उपयोग किए गए विकास कारकों में से एक है।
नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश से 2050 तक भारत में 3-6 मिलियन नौकरियां पैदा हो सकती हैं, जो अन्य क्षेत्रों में संभावित गिरावट के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देंगी।
आर्थिक विकास से परे, नवीकरणीय ऊर्जा की ओर यह बदलाव भारत को एक उदाहरण के रूप में पेश करता है कि कैसे उभरती अर्थव्यवस्थाएं तेज़ विकास के साथ-साथ जलवायु लचीलापन, ऊर्जा सुरक्षा और स्थायी व सतत आजीविकाआजीविका को भी आगे बढ़ा सकती हैं।
मुख्य प्रथमिकताएं
हमारे प्रयास महिलाओं एवं बच्चों के जीवन के उन महत्वपूर्ण पड़ावों पर केंद्रित हैं, जहां जरूरत सबसे ज्यादा होती है, लेकिन जहाँ अवसर भी उतने अधिक होते हैं। हम भारत की स्वच्छ विकास यात्रा का भी समर्थन करते हैं, ताकि बच्चे एक स्वच्छ एवं स्वस्थ दुनिया में बड़े हो सकें।
महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण एवं कौशल विकास
हमारा लक्ष्य: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, ताकि ज्यादा स्थिर एवं समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सके।
सतत आर्थिक विकास एवं सामाजिक स्थिरता महिलाओं की कार्यबल में पूर्ण भागीदारी पर निर्भर करती है। इसलिए, यह जरूरी है कि प्रभावी कौशल विकास कार्यक्रम महिलाओं को कार्य-क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रदान करें, यहां तक कि उन क्षेत्रों में भी, जो पारंपरिक रूप से उनके लिए बंद रहे हैं और उन्हें सीधे गुणवत्तापूर्ण नौकरियों से जोड़ें। महिलाओं को रोजगार हासिल करने के लिए स्पष्ट रास्तों और काम में बने रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियों की जरूरत होती है। लिहाजा, हम ऐसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता देते हैं, जिनकी सफलता केवल इससे नहीं मापी जाती कि कितनी महिलाओं को प्रशिक्षण मिला, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि कितनी महिलाओं को नौकरी मिली, वे कितने समय तक महिलाएँ रोजगार में बनी रहीं और समय के साथ अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान दे सकीं।
बच्चों के खिलाफ हिंसा को खत्म करना और लड़कियों को सफलता के लिए सशक्त बनाना
हमारा लक्ष्य: बच्चों को हर प्रकार की हिंसा से बचाना और यह सुनिश्चित करना कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, ताकि हर बच्चा आगे बढ़ सके।
बच्चों के खिलाफ हिंसा को खत्म करना, खासकर लड़कियों के खिलाफ, एक अधिक निष्पक्ष एवं समृद्ध समाज बनाने के लिए बेहद जरूरी है। बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं लड़कियों को उनके सुरक्षा, शिक्षा और अवसरों के अधिकारों से वंचित रखती हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य, आजीविका और समग्र कल्याण पर जीवनभर असर पड़ता है। शिक्षा, ऐसे अत्याचारों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करती है। स्कूल में लंबा समय बिताने वाली लड़कियों की कम उम्र में शादी की आशंका बहुत कम होती है और उनके स्वस्थ, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर वयस्क बनने की संभावना अधिक रहती है, जो न केवल अपने भविष्य को आकार दे सकती हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी सार्थक योगदान देती हैं।
मूल कारणों को समझकर और मजबूत डेटा तंत्र इस्तेमाल करते हुए, हम सामूहिक रूप से एक ऐसी दुनिया की तरफ बढ़ रहे हैं, जहां बच्चों को अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए सशक्त बनाया जाता है और सभी के लिए एक स्थाई व सुदृढ़ एवं न्यायसंगत भविष्य का निर्माण किया जाता है।
जन्म के समय कम वजन का निवारण करना
हमारा लक्ष्य: यह सुनिश्चित करना कि भारत में सभी बच्चे स्वस्थ पैदा हों।
जब मां एवं बच्चे स्वस्थ होते हैं, तो पूरा समुदाय प्रगति करता है। मातृक एवं नवजात स्वास्थ्य के मामले में CIFF का काम इस पर केंद्रित है कि हर बच्चे को जीवन की बेहतरीन शुरुआत मिले, इसके लिए हम खराब स्वास्थ्य के मूल कारणों को समझकर उन्हें दूर करने का प्रयास करते हैं। भारत में यह प्रयास खासतौर पर जन्म के समय कम वजन के निवारण पर केंद्रित है, जो बच्चों के जीवित रहने, आगे बढ़ने और जीवन के वांछित परिणामों का एक महत्वपूर्ण निर्धारक है। हम विभिन्न राज्यों की सरकारों के साथ मिलकर काम करते हैं, ताकि मातृ स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े प्रभावी समाधानों को स्थाई तरीके से बड़े स्तर पर लागू करके गर्भवती महिलाओं के देखभाल और जन्म के परिणामों में सुधार किया जा सके।
साझेदारों के साथ मिलकर, हम पोषण से जुड़े नकद हस्तांतरण और एनीमिया में कमी जैसे लक्षित प्रयासों का समर्थन करते हैं। कारगर उपायों का समुचित परीक्षण करके और बड़े स्तर पर प्रमाण तैयार करके, हमारा लक्ष्य ऐसे समाधान प्रस्तुत करना है, जिन्हें जन्म के समय वजन संतुलित रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा सके।
स्वच्छ एवं पर्यावरण-सम्मत विकास विकास को बढ़ावा देना
हमारा लक्ष्य: भारत के जलवायु परिवर्तन से जुड़े सार्थक बदलावों में तेजी लाना और स्वच्छ एवं पर्यावरण-सम्मत , एवं सुदृढ़ आर्थिक विकास को आगे बढ़ाना।
भारत अपने पर्यावरण-सम्मत विकास के लक्ष्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है, जो उसके विकास पथ के साथ-साथ वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को भी आकार दे रहे हैं। सरकार और तकनीकी साझेदारों के साथ मिलकर, हम जलवायु-समर्थ बुनियादी ढाँचे और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के विस्तार को बढ़ावा देते हैं। ये प्रयास जलवायु से जुड़ी बीमारियों को कम करने, हरित रोजगार सृजित करने और जीवाश्म ईंधनों के आयात पर निर्भरता घटाकर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक हैं।
देश के कई राज्य पहले ही ऐसे नवाचारी पर्यावरण-सम्मत विकास मॉडल अपना रहे हैं, जो भारत के लिए विस्तार योग्य समाधान प्रस्तुत करते हैं और जिनमें अन्य देशों द्वारा अपनाए जाने की भी व्यापक संभावना है।
भारत की टीम
भारत की टीम CIFF की सभी प्राथमिकताओं पर काम करती है और इसका कार्यालय दिल्ली में स्थित है।
